Kaamil Lyrics In Hindi : Kaamil is a Hindi song sung by Munawar Faruqui and also written by Munawar Faruqui. Music given in this song by Shawie. We hope you all are enjoy this song.
"KAAMIL" SONG INFO
| Singer | Munawar Faruqui |
| Lyricist | Munawar Faruqui |
| Music | Shawie |
| Language | Hindi |
| Music Label | Munawar Faruqui |
KAAMIL LYRICS IN HINDI
तेरी याद दिलाए तेरा चेहरा दिखिए
ऐसी लिखदू ग़ज़ल मैं कोई
माई सोया इक चेन की जरूरत से
अब उठा नहीं है मेरा सपना बदले न कोई
तू हो खातिर तो आए कभी आए
अभी आए मेरी आंखें में तू तो थे सही
तो दिन बन जाए, हो समंदर मन्नू
मेरा ऊंचे मगन जैसे लहरे हो कोई
तेरी हसरत जो मैंने की इश्क हुआ है पहले भी
पर दिन दुगना बेहतर लगे ऐसा हुआ पहले कभी, नहीं!
सोह-बत्त जो पहले थी, मुझे पसंद है जिस तरह से आप मुझे चित्रित करते हैं
तेरी हसी जीनत तेरी तस्वीर में “नो-फिल्टर” प्लीज
दुआ है, तू रह हिफ़ाज़त संग मेरे हमशा हाय
हुआ है, बीट रिलेशनशिप में ना खुश दोनो ही
मेरी खामोशी कहते हैं क्या तू भी बोले इशारों में
ख़्वाश कलंदर की लाते पन्हा तेरी ही आँखों में
हां, याद दिलाए तेरा चेहरा दिखिए
मेरा सब कुछ लगता है तू ही
तू हो रही बेचान, दिलो में मेरी नजम वही है
मेरा काफिया रदीफ भी तू ही
तू हो खातिर तो आए, बन गए छुके जाए
हम यह है मेरी बहनो में तू थेरे तो सही
ये मुश्किल भी क्या है मुस्काना हमनावा है
मेरे साये मेरे मन में अंधेरे ना कोई
इश्क कहते हैं फलसफे में हमें सब पता है जानम
मेरा सबसे अच्छा दिन है, तेरी हसरतों में तुझे क्या पता है जानम?
रब ठक गया है मेरी अर्ज़ियां भी सुनके लिखे ये आमद
तेरा इतर भी कोई कुछ कह दे रहा इजाज़त
न-सिलाह माँगता दुनिया से जो कर लूं में तुमको हासिल
हमनाव यहां है काफ़ी पर तू वह लगता है काबिल
में तो कर रहा इबादत तुझको रखा हिफ़ाज़तो
तू शमील है मुझे ऐसी ऐसी, कर्ता तू जिंदगी कामिल!
तेरी याद दिलाए तेरा चेहरा दिखिए
ऐसी लिखदू ग़ज़ल मैं कोई
माई सोया इक चेन की जरूरत से
अब उठा नहीं है मेरा सपना बदले न कोई
तू हो खातिर तो आए कभी आए
अभी आए मेरी आंखें में तू तो थे सही
तो दिन बन जाए, हो समंदर मन्नू
मेरा ऊंचे मगन जैसे लहरे हो कोई
तू कर्ता ज़िद है, में दिन देता हूं जिन के
ये दूरिया बी पाप है, ये इंतजार है फिरसे
बिस्मिल ये पल है, तू ही मेरा सफर है
तू कर याकीन मेरा, तेरी खुशी मंजिल है
हां, याद दिलाये
मेरा सब कुछ लगता है तू ही
मेरा काफिया रदीफ भी तू ही
ऐसी लिखदू ग़ज़ल मैं कोई
माई सोया इक चेन की जरूरत से
अब उठा नहीं है मेरा सपना बदले न कोई
तू हो खातिर तो आए कभी आए
अभी आए मेरी आंखें में तू तो थे सही
तो दिन बन जाए, हो समंदर मन्नू
मेरा ऊंचे मगन जैसे लहरे हो कोई
तेरी हसरत जो मैंने की इश्क हुआ है पहले भी
पर दिन दुगना बेहतर लगे ऐसा हुआ पहले कभी, नहीं!
सोह-बत्त जो पहले थी, मुझे पसंद है जिस तरह से आप मुझे चित्रित करते हैं
तेरी हसी जीनत तेरी तस्वीर में “नो-फिल्टर” प्लीज
दुआ है, तू रह हिफ़ाज़त संग मेरे हमशा हाय
हुआ है, बीट रिलेशनशिप में ना खुश दोनो ही
मेरी खामोशी कहते हैं क्या तू भी बोले इशारों में
ख़्वाश कलंदर की लाते पन्हा तेरी ही आँखों में
हां, याद दिलाए तेरा चेहरा दिखिए
मेरा सब कुछ लगता है तू ही
तू हो रही बेचान, दिलो में मेरी नजम वही है
मेरा काफिया रदीफ भी तू ही
तू हो खातिर तो आए, बन गए छुके जाए
हम यह है मेरी बहनो में तू थेरे तो सही
ये मुश्किल भी क्या है मुस्काना हमनावा है
मेरे साये मेरे मन में अंधेरे ना कोई
इश्क कहते हैं फलसफे में हमें सब पता है जानम
मेरा सबसे अच्छा दिन है, तेरी हसरतों में तुझे क्या पता है जानम?
रब ठक गया है मेरी अर्ज़ियां भी सुनके लिखे ये आमद
तेरा इतर भी कोई कुछ कह दे रहा इजाज़त
न-सिलाह माँगता दुनिया से जो कर लूं में तुमको हासिल
हमनाव यहां है काफ़ी पर तू वह लगता है काबिल
में तो कर रहा इबादत तुझको रखा हिफ़ाज़तो
तू शमील है मुझे ऐसी ऐसी, कर्ता तू जिंदगी कामिल!
तेरी याद दिलाए तेरा चेहरा दिखिए
ऐसी लिखदू ग़ज़ल मैं कोई
माई सोया इक चेन की जरूरत से
अब उठा नहीं है मेरा सपना बदले न कोई
तू हो खातिर तो आए कभी आए
अभी आए मेरी आंखें में तू तो थे सही
तो दिन बन जाए, हो समंदर मन्नू
मेरा ऊंचे मगन जैसे लहरे हो कोई
तू कर्ता ज़िद है, में दिन देता हूं जिन के
ये दूरिया बी पाप है, ये इंतजार है फिरसे
बिस्मिल ये पल है, तू ही मेरा सफर है
तू कर याकीन मेरा, तेरी खुशी मंजिल है
हां, याद दिलाये
मेरा सब कुछ लगता है तू ही
मेरा काफिया रदीफ भी तू ही
Written By: Munawar Faruqui
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